
ओवरड्राफ्ट (Overdraft): क्या है, कैसे काम करता है|
ओवरड्राफ्ट एक क्रेडिट सुविधा है जिसमें बैंक ग्राहक को उसके खाते में उपलब्ध बैलेंस से ज़्यादा पैसे निकालने की अनुमति देता है। मतलब, अगर आपके खाते में बैलेंस कम है, फिर भी आप बैंक की तय सीमा तक अतिरिक्त पैसे इस्तेमाल कर सकते हैं।
यह सुविधा आमतौर पर करंट अकाउंट, सैलेरी अकाउंट, या FD/Property के बदले दी जाती है।
ओवरड्राफ्ट कैसे काम करता है?
- बैंक आपको एक Overdraft Limit देता है—मान लें ₹2,00,000।
- अगर खाते में ₹5,000 हैं, तब भी आप अधिकतम ₹2,00,000 तक का उपयोग कर सकते हैं।
- आप जितनी राशि का उपयोग करते हैं, केवल उसी पर ब्याज लगता है।
- जब आप पैसा वापस खाते में जमा करते हैं, overdraft स्वतः कम होता जाता है।
- यह एक तरह का revolving credit है—यानि limit का बार-बार उपयोग हो सकता है।
ओवरड्राफ्ट की मुख्य विशेषताएँ
1. Flexibility (लचीलापन)
आप ज़रूरत के अनुसार पैसे निकालते और जमा करते रह सकते हैं, कोई भी तय EMI नहीं होती।
2. Interest on Utilized Amount
बैंक पूरे limit पर नहीं बल्कि जितना पैसा आप उपयोग करते हैं उसी पर ब्याज लेता है।
3. Short-term Credit
यह मुख्य रूप से छोटे समय की जरूरतों—cash flow, emergency, working capital—को पूरा करता है।
4. Security के आधार पर दो तरह का
- Secured OD – FD, घर, दुकान, प्रॉपर्टी या insurance policy के बदले।
- Unsecured OD – सैलरी अकाउंट पर या ब्यूरो स्कोर के आधार पर।
ओवरड्राफ्ट के फायदे
Emergency में त्वरित मदद
अचानक पैसे की जरूरत हो तो तुरंत निकाल सकते हैं, कोई लंबी प्रोसेस नहीं।
Business Cash Flow Management
व्यापारी अपनी रोजमर्रा की जरूरतों जैसे बिल, salary, raw material आदि रखने के लिए overdraft का उपयोग करते हैं।
Low Interest Cost (Loan से कम खर्च)
Interest सिर्फ इस्तेमाल हुई राशि पर—इससे लागत काफी कम हो जाती है।
No Fixed EMI
आप अपने convenience के अनुसार जमा करते हैं, कोई EMI का pressure नहीं।
Limit Reusable
एक बार चुका देने के बाद limit फिर से पूरी हो जाती है।
ओवरड्राफ्ट के नुकसान
उच्च ब्याज दर (कभी-कभी)
कुछ unsecured ODs पर पर्सनल लोन जितनी या उससे भी ज्यादा ब्याज दर हो सकती है।
Overuse का जोखिम
Limit आसानी से उपलब्ध होने से कई लोग जरूरत से ज्यादा उपयोग कर लेते हैं, जिससे कर्ज बढ़ सकता है।
Renewal Charges / Processing Fee
हर साल limit का renewal होता है—इसमें charges लग सकते हैं।
कौन लोग सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं?
- Business Owners / Shopkeepers – cash flow संभालने के लिए
- Salaried Employees – salary account OD या emergency fund के लिए
- Self-Employed Professionals – doctors, CA, lawyers
- Companies – working capital और vendor payments के लिए
Overdraft और Personal Loan में क्या फर्क है?
| फीचर | Overdraft | Personal Loan |
|---|---|---|
| Repayment | Flexible, no EMI | Fixed EMI |
| Interest | सिर्फ उपयोग की गई राशि पर | पूरे लोन पर |
| पुनः उपयोग | Limit reusable | No |
| समय | Short-term | Short/Medium term |
निष्कर्ष
ओवरड्राफ्ट एक अत्यंत उपयोगी और लचीली बैंकिंग सुविधा है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें अनियमित cash flow, तुरंत पैसा, या अल्पकालिक जरूरतें होती हैं। सही तरीके से उपयोग करने पर यह कम लागत में बड़ी सुविधा देता है, लेकिन अनावश्यक उपयोग से वित्तीय बोझ भी बढ़ सकता है।
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