Header Ads Widget

Responsive Advertisement

" Aapke Badte Business ka Saathi "

 बिज़नेस लोन क्या है?

बिज़नेस लोन वह ऋण है जो बैंक, NBFC या फिनटेक कंपनियाँ व्यवसाय को शुरू करने, बढ़ाने या चलाने के लिए देती हैं। इसका उपयोग मशीनरी खरीदने, स्टॉक बढ़ाने, कैश फ्लो संभालने, कर्मचारियों की सैलरी देने, नए ब्रांच खोलने आदि में किया जाता है।


बिज़नेस लोन लेने के फायदे

  • बिना गारंटी (Unsecured) उपलब्ध – कई संस्थान बिना किसी संपत्ति के भी बिज़नेस लोन दे देते हैं।
  • फास्ट डिस्बर्सल – 24–72 घंटे में लोन मिल सकता है (फिनटेक कंपनियों में जल्दी मिलता है)।
  • फ्लेक्सिबल EMI – व्यवसाय के हिसाब से EMI चुनी जा सकती है।
  • कैश फ़्लो सपोर्ट – सीज़नल या अनियमित इनकम वाले बिज़नेस को राहत।
  • क्रेडिट स्कोर सुधरता है – समय पर EMI देने से CIBIL स्कोर बेहतर होता है।

बिज़नेस लोन के प्रकार

1. टर्म लोन (Term Loan)

  • लंबी अवधि (1–5 साल) का लोन
  • मशीनरी, ऑफिस, फैक्ट्री विस्तार आदि में उपयोग

2. वर्किंग कैपिटल लोन (Working Capital Loan)

  • रोज़मर्रा के खर्चों और कैश फ़्लो के लिए
  • स्टॉक खरीद, वेतन, बिल पेमेंट आदि

3. कैश क्रेडिट (CC) / ओवरड्राफ्ट (OD)

  • बैंक अकाउंट से लिमिट तक अधिक पैसा निकालने की सुविधा
  • ब्याज केवल उपयोग की गई राशि पर

4. मशीनरी लोन

  • नई मशीन या उपकरण लेने के लिए

5. MSME लोन

  • छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए विशेष लोन
  • PM Mudra, CGTMSE जैसी सरकारी योजनाएँ उपलब्ध

6. इनवॉइस फाइनेंसिंग

  • अपेड इनवॉइस के बदले तत्काल पैसा

बिज़नेस लोन की ब्याज दर

सामान्यतः 12%–24% प्रति वर्ष के बीच, लेकिन ये निर्भर करता है:

  • आपके बिज़नेस की स्थिरता
  • CIBIL स्कोर
  • बैंक/NBFC की नीतियाँ
  • लोन की राशि और अवधि
  • इनकम और प्रोफिट

पात्रता (Eligibility)

बैंक आमतौर पर निम्न मानदंड देखते हैं:

  • उम्र: 21–65 वर्ष
  • बिज़नेस उम्र: 1–3 साल पुराना होना चाहिए (स्टार्टअप्स के लिए अलग योजनाएँ)
  • CIBIL स्कोर: बेहतर स्कोर = कम ब्याज
  • वार्षिक टर्नओवर: संस्थान के अनुसार अलग
  • इनकम दस्तावेज़ सही होना


जरूरी दस्तावेज़ (Documents Required)

व्यक्ति/मालिक के दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • फोटो
  • एड्रेस प्रूफ

बिज़नेस दस्तावेज़

  • GST रिटर्न
  • ITR (आयकर रिटर्न)
  • बैंक स्टेटमेंट (6–12 महीने)
  • बिज़नेस रजिस्ट्रेशन
  • बैलेंस शीट / प्रॉफिट-लॉस स्टेटमेंट

आवेदन कैसे करें? (Application Process)

  1. अपनी आवश्यकता तय करें – कितनी राशि और किस उद्देश्य के लिए।
  2. बैंक/NBFC चुनें – ब्याज दर और प्रोसेसिंग फ़ीस तुलना करें।
  3. ऑनलाइन/ऑफ़लाइन आवेदन – फॉर्म भरें।
  4. दस्तावेज़ जमा करें – KYC, बैंक स्टेटमेंट आदि।
  5. वेरिफिकेशन – बैंक आपकी क्रेडिट योग्यता जाँचता है।
  6. सैंक्शन लेटर – लोन की शर्तें बताई जाती हैं।
  7. डिस्बर्सल – पैसा आपके अकाउंट में भेज दिया जाता है।

बिज़नेस लोन लेते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  • EMI आपकी कमाई के 30–40% से ज्यादा न हो।
  • पहले ब्याज दर + प्रोसेसिंग फीस तुलना करें।
  • अनुचित छिपे शुल्क (hidden charges) से सावधान रहें।
  • समय पर EMI देकर क्रेडिट स्कोर सुधारे
  • जरूरत से ज्यादा लोन न लें।


निष्कर्ष :

बिज़नेस लोन छोटे, मध्यम और बड़े सभी प्रकार के व्यवसायों के लिए विकास का एक महत्वपूर्ण वित्तीय साधन है। सही योजना और दस्तावेज़ों के साथ इसे आसानी से प्राप्त किया जा सकता है और यह बिज़नेस को नए स्तर तक ले जाने में मदद करता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ