Recurring Deposit (RD,आरडी)
Recurring Deposit एक ऐसी बैंकिंग योजना है जिसमें ग्राहक हर महीने निश्चित राशि जमा करता है। बैंक उस जमा पर समय-समय पर ब्याज जोड़ता है, और अवधि पूरी होने पर पूरी जमा राशि + ब्याज एक साथ मिल जाता है।
सरल शब्दों में—
“हर महीने थोड़ी बचत, और अंत में एक बड़ी सुरक्षित रकम।”
RD की प्रमुख विशेषताएँ (Key Features)
न्यूनतम जमा राशि कम
- ज्यादातर बैंक में ₹100–₹500 प्रति माह से RD खोली जा सकती है।
- अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं होती (बैंक पर निर्भर)।
अवधि (Tenure) विकल्प
- 6 महीने से लेकर 10 साल तक अवधि चुन सकते हैं।
- अवधि बदलना बाद में संभव नहीं होता।
निश्चित ब्याज (Fixed Interest Rate)
- ब्याज शुरू में तय होकर पूरी अवधि तक एक जैसा रहता है।
- शेयर बाज़ार की तरह इसमें उतार-चढ़ाव नहीं होता।
चक्रवृद्धि ब्याज (Quarterly Compounding)
- ब्याज हर तीन महीने पर जोड़कर फिर अगले ब्याज की गणना होती है।
- इससे आपकी कमाई बढ़ती है।
सेफ और गारंटीड
- बैंक में जमा राशि DICGC के तहत ₹5 लाख तक सुरक्षित होती है।
RD के प्रकार (Types of RD)
- सामान्य ग्राहकों के लिए
- तय राशि हर महीने जमा करनी होती है
2) Senior Citizen RD
- 60+ आयु वालों के लिए
- ब्याज दर सामान्य से 0.25%–0.75% ज्यादा
3) NRE / NRO RD
- विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए
- ब्याज राशि भारत में टैक्स-रेगुलेशन के अनुसार लागू
4) Flexi RD
- हर महीने जमा राशि को बढ़ा-घटा सकते हैं
- कुछ बैंक ही यह सुविधा देते हैं
5) Recurring Deposit with Insurance
- कुछ बैंक RD के साथ छोटा बीमा कवर भी प्रदान करते हैं
RD पर ब्याज दर (Interest Rates) कैसे मिलती हैं?
बैंक और अवधि के आधार पर ब्याज अलग-अलग होता है। आमतौर पर:
- 6.5% से 8.5% तक ब्याज मिलता है
- वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज
RD का पूरा कैलकुलेशन कैसे होता है? (Example)
मान लीजिए आप:
- ₹1000 हर महीने जमा करते हैं
- 2 साल अवधि
- ब्याज दर 7%
तो कुल मैच्योरिटी राशि लगभग:
➡ ₹25,800 (लगभग)
(बैंक के हिसाब से थोड़ा अंतर हो सकता है)
अगर आप अपनी राशि और ब्याज बताएं, तो मैं आपका सटीक RD कैलकुलेशन कर सकता हूँ।
RD के फायदे (Advantages)
- सुरक्षित निवेश, बिना जोखिम
- कम राशि से शुरुआत
- चक्रवृद्धि ब्याज से अच्छी कमाई
- लक्ष्य योजना—शादी, पढ़ाई, यात्रा, इमरजेंसी फंड
- Auto-debit से जमा करना आसान
- टैक्स सेविंग की कुछ योजनाएँ (पोस्ट ऑफिस RD में TDS नहीं लगती)
RD की कमियाँ (Disadvantages)
- प्री-मैच्योर क्लोजर पर पेनल्टी
- हर महीने जमा करना अनिवार्य
- FD या SIP के मुकाबले रिटर्न कभी-कभी कम
- देर से किश्त जमा करने पर पेनल्टी
RD कैसे खोली जाती है? (Step-by-Step)
ऑनलाइन:
-
Net Banking/App खोलें
-
Deposit/Recurring Deposit ऑप्शन चुनें
-
मासिक राशि चुनें
-
अवधि चुनें
-
Auto-debit ऑन करें
-
सबमिट करें
ऑफलाइन (ब्रांच में):
- फॉर्म भरें
- KYC डॉक्यूमेंट जमा करें
- पासबुक/रसीद प्राप्त करें
RD पर टैक्स नियम (Tax Rules)
- बैंक RD पर मिलने वाले ब्याज पर TDS लगता है (अगर साल में कुल ब्याज ₹40,000 से ज्यादा हो)।
- सीनियर सिटिजन के लिए लिमिट ₹50,000।
- पोस्ट ऑफिस RD पर TDS नहीं लगता, लेकिन ब्याज आयकर योग्य होती है।
RD और FD में अंतर
RD में हर महीने थोड़ी-थोड़ी राशि जमा की जाती है, जबकि FD में एकसाथ पूरी रकम जमा करनी होती है। RD नियमित बचत करने वालों के लिए बेहतर है, वहीं FD उन लोगों के लिए सही है जिनके पास एकमुश्त पैसे हों। FD में ब्याज दर थोड़ा ज्यादा मिलती है और रिटर्न भी RD से अधिक होता है।
निष्कर्ष
Recurring Deposit एक सरल, सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प है जो हर आय वर्ग के लोगों के लिए उपयुक्त है। यदि आप बिना जोखिम के नियमित बचत करके भविष्य के लिए धन तैयार करना चाहते हैं, तो RD आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

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