RTGS (Real Time Gross Settlement)
RTGS, जिसका पूरा नाम Real Time Gross Settlement है, भारत की आधुनिक और तेज़ भुगतान प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा संचालित एक ऐसा तंत्र है जिसके माध्यम से बड़े मूल्य के लेन-देन तुरन्त और सुरक्षित तरीके से एक बैंक से दूसरे बैंक में भेजे जाते हैं।
RTGS क्या है?
RTGS एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफ़र प्रणाली है, जिसमें धनराशि रीयल टाइम (यानी तुरंत) और ग्रॉस बेसिस (एक-एक लेन-देन अलग-अलग) में प्रोसेस होती है।
इसका मतलब है कि पैसे भेजने वाले व्यक्ति के बैंक खाते से राशि तुरंत डेबिट होकर प्राप्तकर्ता के बैंक खाते में तुरंत क्रेडिट हो जाती है—बिना किसी देरी के।
रीयल टाइम और ग्रॉस बेसिस का अर्थ
- Real Time (रीयल टाइम): लेन-देन को कतार में रखे बिना तुरंत प्रोसेस किया जाता है।
- Gross Settlement (ग्रॉस सेटलमेंट): ट्रांज़ैक्शन को किसी अन्य लेन-देन के साथ जोड़कर नहीं, बल्कि अलग-अलग निपटाया जाता है। इसलिए यह प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद मानी जाती है।
RTGS की मुख्य विशेषताएँ
- तुरंत फंड ट्रांसफ़र – कुछ ही सेकंड में पैसा पहुंच जाता है।
- बड़े लेन-देन के लिए उपयुक्त – आमतौर पर 2 लाख रुपये से ऊपर के लेन-देन में उपयोग।
- अत्यधिक सुरक्षित – RBI द्वारा नियंत्रित प्रणाली।
- 24×7 उपलब्धता – अब यह सुविधा साल भर दिन-रात उपलब्ध है।
- राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता – देश भर में लगभग सभी बैंक RTGS प्रदान करते हैं।
RTGS का उपयोग कब किया जाता है?
- घर, गाड़ी, जमीन या अन्य बड़ी खरीद के भुगतान में
- कंपनियों द्वारा बड़े पेमेंट या सप्लायर्स को भुगतान
- बैंक से बैंक बड़े फंड ट्रांसफ़र
- आपातकालीन भुगतान जिसमें देरी बर्दाश्त नहीं
RTGS का उपयोग कैसे करें?
RTGS करने के लिए ग्राहक को निम्नलिखित जानकारी की आवश्यकता होती है:
- प्राप्तकर्ता का नाम
- बैंक का नाम
- खाता संख्या
- IFSC कोड
- भेजी जाने वाली राशि
यह लेन-देन इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग या बैंक शाखा के माध्यम से किया जा सकता है।
RTGS के लाभ
- समय की बचत
- नकद लेन-देन की आवश्यकता कम
- ज्यादा सुरक्षा
- व्यवसायों के लिए भरोसेमंद भुगतान प्रणाली
RTGS के चार्ज (Charges) – जानकारी
1.ऑनलाइन RTGS
- नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग के ज़रिए किए गए RTGS ट्रांज़ैक्शन में कई बड़े बैंक (जैसे SBI, ICICI) कोई चार्ज नहीं लेते हैं।
- RBI ने NEFT और RTGS सिस्टम में कुछ सेवा शुल्क हटा दिए हैं ताकि डिजिटल ट्रांज़ैक्शन को बढ़ावा मिले।
2.ब्रांच-लेवल (ऑफलाइन) RTGS
- RTGS ट्रांज़ैक्शन जब बैंक शाखा (branch) के माध्यम से किया जाए, तो चार्जेस हो सकते हैं।
- उदाहरण के लिए, कुछ बैंकों में ₹2 लाख से ₹5 लाख के ट्रांज़ैक्शन पर ~ ₹20–₹25 + GST चार्ज,₹5 लाख से ऊपर के ट्रांज़ैक्शन पर ~ ₹40–₹50 + GST चार्ज हो सकता है।
- उदाहरण: PNB बैंक में ₹2 लाख से ₹5 लाख तक शाखा के ज़रिए RTGS पर ₹24.50 चार्ज होता है और ₹5 लाख से ऊपर पर ₹49.50।
3.GST (कर)
- ऊपर बताए गए बैंक चार्जेस पर GST (Goods and Services Tax) भी लगता है।
4. RBI की मासिक सदस्यता शुल्क (Banks के लिए)
- RTGS सिस्टम में बैंक (member banks) के लिए भी कुछ चार्ज होते हैं, जैसे कि मासिक सदस्यता शुल्क और प्रोसेसिंग फीस।
- उदाहरण: RBI की नीति के मुताबिक, RTGS सदस्य बैंक को कुछ ट्रांज़ैक्शन फीस + “time varying tariff” देना पड़ता है।
निष्कर्ष
RTGS भारत की बैंकिंग प्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण और तेज़ भुगतान सेवाओं में से एक है। यह बड़े मूल्य के लेन-देन को सुरक्षित, पारदर्शी और तुरंत करने की सुविधा प्रदान करता है। डिजिटल भारत के इस दौर में RTGS ने आर्थिक गतिविधियों को और भी सुगम और प्रभावी बनाया है।

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